'तड़प' से डेब्यू कर रहे अहान शेट्टी बोले- पापा ने कहा है, फ्राइडे से कभी मत डरना

जाने-माने अभिनेता के बेटे निर्देशक मिलन लुथरिया की फिल्म 'तड़प' में अभिनेत्री के साथ अपना फिल्मी डेब्यू करने जा रहे हैं। अहान प्रेशर तो महसूस कर रहे हैं, मगर नर्वस नहीं हैं। उन्होंने हीरो बनने के लिए काफी तैयारी की है। इस खास मुलाकात में वे अपनी फिल्म, पिता सुनील शेट्टी, और शुक्रवार के प्रेशर जैसे मुद्दों पर बात करते हैं। आपकी फिल्म 'तड़प' रिलीज होने जा रही है। आपको सबसे ज्यादा किस चीज की तड़प है?निश्चित तौर पर सफलता, प्यार और खुशी वो चीजें हैं, जिनकी तड़प सबसे ज्यादा होती है। कामयाबी का अंदाजा तो फिल्म रिलीज होने के बाद पता चलेगा और प्यार और ख़ुशी उम्मीद करता हूं, भविष्य में मिले। सिनेमा हॉल 2 साल बाद गुलजार हो चुके हैं। दोबारा शुक्रवार मेक या ब्रेक साबित हो सकता है, विशेष रूप से आप जैसे डेब्यूटेंट एक्टर के लिए। आप नर्वस हैं?प्रेशर तो है, मगर मैं उस प्रेशर को हैंडल करने की कोशिश कर रहा हूं। पापा (उनके अभिनेता पिता सुनील शेट्टी) हमेशा कहते हैं, फ्राइडे से कभी मत डरना। अगर तुम्हारी फिल्म नहीं चले, तो उसका बोझ कैरी फॉरवर्ड मत करना। शुक्रवार से डरने की जरूरत नहीं है। नर्वस नहीं हूं, खुश हूं कि हमने जो काम किया है, जितनी मेहनत की है, वह अब लोगों के सामने हम साझा करने जा रहे हैं। 'सूर्यवंशी' और 'अंतिम' जैसी बड़ी फिल्मों और बड़े स्टार्स ने दर्शकों को सिनेमाघर आने को प्रेरित किया है। यह एक अच्छा साइन है। आपके पिता सुनील शेट्टी इंडस्ट्री में एक लंबा करियर जी चुके हैं। उन्होंने आपको इंडस्ट्री में आने पर क्या टिप्स दिए?मेरे पापा आज नहीं जब मैं छोटा था, तभी से कहते आए हैं कि एक बार को आप एक अच्छे एक्टर के रूप में भले न पहचाने जाओ, मगर एक अच्छे इंसान के रूप में जरूर पहचाने जाना। मैं उसी तरह से जिंदगी जीने की कोशिश करता हूं। जहां तक फिल्मों से संबंधित राय देने की बात है, तो वे सलाह नहीं देते। मुझे मेरे अनुसार काम करने देते हैं। वे चाहते हैं, मैं अपनी गलतियां करूं और फिर उसके हिसाब से सीखूं . आज के दौर में सोशल मीडिया आम लोगों के लिए ही नहीं बल्कि खास लोगों के लिए भी बहुत अहम है। आप उस पर होने वाली पैरलल सेंसरशिप को कैसे हैंडल करते हैं?मैं सोशल मीडिया में सिर्फ इंस्टाग्राम पर हूं, ट्विटर या फेसबुक पर नहीं हूं। इंस्टाग्राम पर उतनी टॉक्सिसिटी नहीं है, जितनी कि ट्विटर पर है। इंस्टाग्राम पर मैं काफी प्राइवेट हूं, जो मुझे अपलोड करना होता है, मैं करता हूं। मुझे जो कॉमेंट्स आते हैं, वे बेहद प्यारे और दुआओं वाले होते हैं। इंस्टाग्राम पर मेरे फिल्म तड़प के ट्रेलर को काफी प्यार मिला है। जैसा कि हम जानते हैं कि हम सोशल मीडिया को इग्नोर नहीं कर सकते। यहां हमें यह याद रखने की जरूरत है कि हम कौन हैं? हमारा स्टाइल क्या है और हमारी समझ क्या है? फिल्मों में काम करने के दौरान आपको फिल्मी माहौल का कितना फायदा मिला? आपने एक्टर बनने के लिए क्या तैयारी की?काफी फायदा मिला। मैं जब छोटा था, तब अक्सर पापा की शूटिंग पर जाता था और फिल्म मेकिंग को लेकर मेरी समझ बन रही थी, मगर मैं उस वक्त इतना फोकस नहीं था। मैं सेट पर क्रिकेट खेलता था, घूमता-फिरता था, क्योंकि मैं एक्टर नहीं बल्कि आर्मी में जाना चाहता था। मगर अपनी पहली फिल्म में जाने-माने निर्देशक मिलन लुथरिया और तारा सुतारिया जैसी अभिनेत्री के साथ काम करने के दौरान मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। जहां तक तैयारी की बात है, तो बारहवीं के बाद मैंने अमेरिकन स्कूल ऑफ बॉम्बे से अभिनय की ग्रेजुएशन की। उसके बाद मैंने एक्शन, अभिनय, वेपन ट्रेनिंग, मार्शल आर्ट्स, गिटार, हिंदी डिक्शन जैसे तमाम पहलुओं की तालीम ली। मगर इस फिल्म के लिए मुझे बॉडी बनानी थी। मैंने जिम में काफी पसीना बहाया। मैंने अपनी परफॉर्मेंस पर भी काफी मेहनत की। आपको अपने पिता की गुडविल का कितना फायदा मिला? सलमान खान ने आपको काफी सपोर्ट किया?बहुत फायदा मिला और जब ट्रेलर बाहर आया, तो जिस तरह का सपोर्ट मिला, वो अभूतपूर्व था। सलमान खान सर को जब पता चला कि मैं साजिद नाडियाडवाला जी के साथ काम कर रहा हूं, तो उन्होंने मेरा पोस्टर पोस्ट किया। मुझे उनसे बहुत बड़ा सपोर्ट मिला। मुझे खुशी है कि मैं अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहा हूं। सलमान सर से काफी अच्छी बातचीत हुई है। हालांकि मैं प्राइवेट पर्सन हूं, ज्यादा पार्टियां नहीं करता, मगर सलमान सर से मिलना हमेशा यादगार रहता है। वे बहुत प्रोत्साहित करते हैं। आपने मसूरी और ऋषिकेश में बहुत ही भयावह मौसम में शूटिंग की। कभी शो मस्ट गो ऑन की सिचुएशन से गुजरना पड़ा?बिलकुल। हम लोग मसूरी में शूट कर रहे थे। एक या दो डिग्री टेम्प्रेचर था, बारिश थी और मुझे शर्टलेस सीन देना था। मेरा पूरा शरीर सुन्न पड़ गया था। तारा (उनकी नायिका तारा सुतारिया) की तबीयत खराब हो गई और वह उल्टियां करने लगी। हमें उस वक्त शो मस्ट जो ऑन करना पड़ा। हालांकि शूटिंग का वो पोर्शन फिल्म में इस्तेमाल नहीं हुआ है, मगर हमें तो किसी भी हाल में वो दृश्य फिल्माने थे। बहुत मुश्किल थी, वो शूटिंग। आज के दौर में आप किन सीनियर एक्टर्स को पसंद करते हैं? कौन-सी हीरोइन आपको भाती हैं?रणबीर कपूर उतने सीनियर एक्टर नहीं हैं, मगर मुझे उनका अभिनय बहुत भाता है। उनकी इंटेंसिटी और पैशन देखने योग्य होता है। उन्होंने अभिनय का एक पैमाना सेट किया है। वरुण धवन की कॉमिक टाइमिंग कमाल की है। सिद्धार्थ मल्होत्रा ने 'शेरशाह' में बहुत ही गजब की परफॉर्मेंस दी। सीनियर एक्टर में मैं सलमान खान का बहुत बड़ा फैन हूं। उनका एक्शन-डांस और शर्टलेस सीन की बात ही क्या है? हीरोइन में काजोल और करीना कपूर हैं। उसके बाद दीपिका पादुकोण, बहुत खूबसूरत लगती हैं, मुझे। उम्मीद करता हूं कि इन अभिनेत्रियों के साथ भविष्य में काम कर पाऊं। अभिनय के क्षेत्र में आने के बाद आपके लिए सबसे ज्यादा गर्व भरा पल क्या था? सबसे ज्यादा प्राउड मोमेंट वही था, जब मैंने अपने माता-पिता को फिल्म का ट्रेलर दिखाया, तो उनके रिएक्शन देखते बन रहे थे ,मम्मी तो इतनी जजबाती हो गईं कि उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े। उनकी आंखों में मैं खुशी और गर्व देख पा रहा था। मुझे खुशी हो रही थी कि मैं खुद को ही नहीं बल्कि अपने आस-पास के लोगों को भी खुश कर पा रहा था। कोरोना काल सभी के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा, आपके लिए सबसे ज्यादा मुश्किल क्या था?कोरोना से पहले हमारी फिल्म की अस्सी प्रतिशत शूटिंग हो चुकी थी और बीस प्रतिशत बाकी थी कि लॉकडाउन लग गया। बाकी की शूटिंग दस महीने बाद हुई, तो एक बेचैनी और अनिश्चितता थी कि आगे क्या होगा। मगर यह अनिश्चितता पूरी दुनिया के लिए थी। मैं उस वक्त सिर्फ अपने बारे में नहीं सोच पा रहा था। मुझे सभी की फिक्र होती थी।


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